तुझे नजर ना लगे मेरी आ ले लूं तेरी बलाई तेरे जैसा दूजा न कोई प्यारा ओ मेरी माँ तुझे नजर ना लगे मेरी आ ले लूं तेरी बलाई तेरे जैसा दूजा न कोई प्यारा ओ मेरी माँ
आगे बढ़ने से डरती हूँ। कि कहीं चूक न हो जाए अंधेरे में चलने से डरती हूँ। आगे बढ़ने से डरती हूँ। कि कहीं चूक न हो जाए अंधेरे में चलने से डरती हूँ।
ओ मेरी आँखों के तारे तुझ पर बलि-बलि जाऊँ। ओ मेरी आँखों के तारे तुझ पर बलि-बलि जाऊँ।
रात रात भर थपकी देती, बेटा सोता पर वो जगती रात रात भर थपकी देती, बेटा सोता पर वो जगती
हरयाणवी कविता हरयाणवी कविता
हमने अपने भूत को भविष्य का कब्रिस्तान सजाते देखा है। हमने अपने भूत को भविष्य का कब्रिस्तान सजाते देखा है।